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सोने की कीमत में बड़ी गिरावट, चांदी के भाव में दर्ज की गई मामूली बढ़ोतरी

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Apr 29, 2026 08:09 pm IST,  Updated : Apr 29, 2026 08:09 pm IST

बुधवार को सोने का कारोबार कमजोर रहा, क्योंकि लगातार मुनाफावसूली और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी महंगाई की चिंताओं ने इस कीमती धातु की कीमतों पर दबाव बनाए रखा।

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सोना सस्ता, चांदी महंगी Image Source : PIXABAY

दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई, जबकि चांदी के भाव में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। सोने के भाव में ये गिरावट मुनाफावसूली के कारण हुई, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के बारे में फैसले से पहले कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, आज चांदी की कीमत 500 रुपये की मामूली बढ़त के साथ 2,44,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। मंगलवार को ये 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर थी। सर्राफा संघ के अनुसार, बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,500 रुपये यानी 1 प्रतिशत गिरकर 1,52,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोने की कीमत 1,54,300 रुपये प्रति 10 ग्राम रही थी। 

कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी महंगाई की चिंताओं ने सोने पर बनाया दबाव

सर्राफा कारोबारियों ने पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ऊर्जा की बढ़ती लागत पर गौर किया। इससे महंगाई ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है और केंद्रीय बैंकों को लंबे समय तक अपनी नीतियां सख्त बनाए रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि बुधवार को सोने का कारोबार कमजोर रहा, क्योंकि लगातार मुनाफावसूली और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी महंगाई की चिंताओं ने इस कीमती धातु की कीमतों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने कहा कि तेल की ऊंची कीमतें इस संभावना को और मजबूत कर रही हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति पर सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर को मजबूती मिलेगी और सर्राफा की दरों में तेजी की गुंजाइश सीमित हो जाती है।

फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले पर नजर

जतिन त्रिवेदी ने कहा कि कारोबारी अब फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले और चेयरमैन जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि उन्हें ये संकेत मिल सके कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी अनिश्चितता के माहौल में अधिकारी ब्याज दर के बारे में क्या सोच रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान भारत में सोने की मांग सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 151 टन पर पहुंच गई। ये वृद्धि, कीमतों के ऊंचे स्तर पर होने के बावजूद, निवेश की मजबूत मांग के कारण हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोना 23.31 डॉलर यानी 0.51 प्रतिशत गिरकर 4,573.75 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 0.18 प्रतिशत टूटकर 72.99 डॉलर प्रति औंस पर रही।

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